Thursday, December 24, 2009

मनुष्य को भौंरे का अनुकरण करना चाहिए




जिस प्रकार


भौंरा


फूलों की रक्षा करता हुआ


मधु को


ग्रहण करता है,


उसी प्रकार


मनुष्य को हिंसा न करते हुए


अपने अर्थों को


ग्रहण करना चाहिए



- महात्मा विदुर



3 comments:

M VERMA said...

बहुत गहरी बात है

Udan Tashtari said...

आभार सदविचारों का!

Unknown said...

बहुत सुन्दर!