Tuesday, January 5, 2010

ईश्वर की सर्वोत्तम प्रार्थना





अगर कोई दृढ रहे तो पतन का ग़म नहीं,


उठ कर वह फिर आगे चल देगा ।


कर्म से मुँह ना मोड़ो ।


कर्म


शरीर द्वारा की गई


ईश्वर की सर्वोत्तम प्रार्थना है



- अरविन्द



3 comments:

Unknown said...

अति उत्तम विचार!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

सुन्दर विचार है जी!

Anonymous said...

उत्तम विचार. आभार