धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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अहिंसा करुणा
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अहिंसा करुणा
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Friday, June 18, 2010
जीव को व्यर्थ मत मारिये
सब
प्राणियों
का
खून
एक
है
,
चाहे
वह
बकरी
हो
,
गाय
हो
या
अपनी
सन्तान
।
पीर
पैगम्बर
और
औलिया
-
सब
एक
न
एक
दिन
मर
जायेंगे
।
इसलिए
अपने
शरीर
का
पालन
करने
के
लिए
जीव
को
व्यर्थ
मत
मारिये
।
-
श्री
गुरू
नानकदेव
जी
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