धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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अहिंसा महात्मा गांधी
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अहिंसा महात्मा गांधी
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Sunday, May 23, 2010
मनुष्यों से प्रेम करना अहिंसा नहीं है, यह तो व्यवहार है
द्वेष का कारण हुए बगैर कोई द्वेष नहीं करता ;
इसीलिए किसी ने द्वेष का कारण जुटाया हो तो भी
उससे द्वेष न करके, प्रेम करें ।
उस पर दया करके सेवा करना ही अहिंसा है ।
मनुष्यों से प्रेम करना अहिंसा नहीं है, यह तो व्यवहार है
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महात्मा
गांधी
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