धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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उदार चित्त नारायण पण्डित
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उदार चित्त नारायण पण्डित
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Thursday, February 4, 2010
उदार चित्त वाले
"
यह
मेरा
है,
यह
दूसरे
का"
ऐसा
संकीर्ण
ह्रदय
वाले
समझते
हैं
उदार
चित्त
वाले
तो
सारे
संसार
को
अपने
कुटुम्ब
सा
समझते
हैं
-
नारायण
पण्डित
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