ईश्वर ने
इस संसार में जिसे अकेला बनाया है,
धन-वैभव नहीं दिया है,
सुख में प्रसन्न होने वाला और दुःख में गले लगा कर
रोने वाला साथी नहीं दिया है,
संसार के शब्दों में जिसे उसने 'दुखिया' बनाया है,
उसके जीवन में
उसने एक महान अभिप्राय भर दिया है ।
- रामकृष्ण परमहंस
एक साधू से किसी ने पूछा
तू अकेला क्यों बैठा है ?
साधू ने जवाब दिया कि पहले तो अकेला न था,
मालिक ध्यान में साथ था
लेकिन अब तूने आकर अकेला कर दिया ।
- अज्ञात सन्त पुरूष

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