धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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काया गोस्वामी तुलसीदास
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Sunday, January 17, 2010
तुलसी वाणी
तुलसी
काया
खेत
है
,
मनसा
भये
किसान
पाप
-
पुण्य
दोउ
बीज
हैं
,
बुवै
सो
लुने
निदान
-
गोस्वामी
तुलसीदास
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