हमारी ख़ुशियाँ वास्तव में कितनी कम हैं,
अफ़सोस है कि उनकी खातिर हम अपने चिरन्तन कल्याण को भी
खतरे में डाल देते हैं
-बेली
पापमय और फरेब से प्राप्त की गई ख़ुशियाँ
ज़हरीली रोटियों की तरह हैं, उनसे उस वक्त भूख भले ही मिट जाये,
मगर अन्त में उनसे मौत ही मिलती है
-तायरन एडवर्ड्स