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लोग - गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर.
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मेरे प्रभो !
वे लोग जिनके पास सिवाय तेरे सब कुछ है,
उन लोगों पर हँसते हैं
जिनके पास
सिवाय तेरे कुछ नहीं है
- गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर