धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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Monday, July 12, 2010
गुण मनुष्य के वश में हैं ; प्रतिभा के वश में स्वयं मनुष्य होता है
वे सत्य के सर्वोत्तम प्रेमी हैं जो अपने प्रति ईमानदार हैं
और जिसका वे स्वप्न देखते हैं,
उसे कर दिखाने का साहस रखते हैं
गुण मनुष्य के वश में हैं ; प्रतिभा के वश में स्वयं मनुष्य होता है
-लॉवेल
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