हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
Showing posts with label सूक्तियां. Show all posts
Showing posts with label सूक्तियां. Show all posts
Wednesday, July 21, 2010
क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है
जब तक कोई शख्स 'अल्लाह हो ! अल्लाह हो !
हे भगवान ! हे भगवान !' चिल्लाता है,
निश्चय जानो, उसे ईश्वर नहीं मिला,
क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है
-स्वामी रामकृष्ण परमहंस
Labels:
अमृत वाणी,
ईश्वर,
खामोश,
प्राप्ति,
रामकृष्ण परमहंस,
सूक्तियां,
हिन्दी वचन
Monday, July 19, 2010
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
जो मनुष्य मशहूर नहीं है, वह सुखी है ।
बढ़िया कुरता और कम्बल नहीं पहनता तो अच्छा करता है ।
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
और इस संसार के उजाड़ खण्ड का उल्लू नहीं बनता ।
-शब्सतरी
Subscribe to:
Posts (Atom)