हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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Monday, July 19, 2010
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
जो मनुष्य मशहूर नहीं है, वह सुखी है ।
बढ़िया कुरता और कम्बल नहीं पहनता तो अच्छा करता है ।
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
और इस संसार के उजाड़ खण्ड का उल्लू नहीं बनता ।
-शब्सतरी
Friday, July 16, 2010
मैं विश्व के महान तत्व का एक अंश हूँ
जितने दुःख, जितनी विपत्तियाँ हमें प्राप्त होती हैं,
उनका कारण यही है कि अनन्त ऐश्वर्य युक्त सर्वशक्तिमान ईश्वर
की ओर से हम भिन्नता का भाव रखते हैं
मनुष्य तब तक अपनी शक्ति को ठीक ठीक प्राप्त नहीं कर सकता
जब तक कि वह इस बात को मन, वचन और शरीर से न समझ ले
कि मैं विश्व के महान तत्व का एक अंश हूँ
- स्वेट मार्डेन

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