हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
Wednesday, August 11, 2010
प्रत्येक के जीवन में इतना दुःख और विषाद
अगर हम अपने शत्रुओं की गुप्त आत्म-कहानियां पढ़ें
तो हमें प्रत्येक के जीवन में इतना दुःख और विषाद
भरा हुआ मिलेगा कि फिर हमारे मन में
उनके लिए ज़रा भी शत्रुभाव नहीं रहेगा
उलटे करुणा प्रस्फुटित होगी
- अज्ञात महापुरूष
Monday, August 2, 2010
मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ
Friday, July 23, 2010
भूख भले ही मिट जाये, मगर अन्त में उनसे मौत ही मिलती है
हमारी ख़ुशियाँ वास्तव में कितनी कम हैं,
अफ़सोस है कि उनकी खातिर हम अपने चिरन्तन कल्याण को भी
खतरे में डाल देते हैं
-बेली
पापमय और फरेब से प्राप्त की गई ख़ुशियाँ
ज़हरीली रोटियों की तरह हैं, उनसे उस वक्त भूख भले ही मिट जाये,
मगर अन्त में उनसे मौत ही मिलती है
-तायरन एडवर्ड्स
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Wednesday, July 21, 2010
क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है
जब तक कोई शख्स 'अल्लाह हो ! अल्लाह हो !
हे भगवान ! हे भगवान !' चिल्लाता है,
निश्चय जानो, उसे ईश्वर नहीं मिला,
क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है
-स्वामी रामकृष्ण परमहंस
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Tuesday, July 20, 2010
तीर पत्थर की विशाल शिला को नहीं वेध सकता
कोई सांसारिक भय ज्ञानी मनुष्य के दिल को नहीं दहला सकता,
चाहे वह उसके कितने ही निकट पहुँच जाये ।
जैसे कोई तीर पत्थर की विशाल शिला को नहीं वेध सकता ।
-योग वशिष्ठ
Monday, July 19, 2010
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
जो मनुष्य मशहूर नहीं है, वह सुखी है ।
बढ़िया कुरता और कम्बल नहीं पहनता तो अच्छा करता है ।
ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है
और इस संसार के उजाड़ खण्ड का उल्लू नहीं बनता ।
-शब्सतरी
Sunday, July 18, 2010
संयम अतिभोग से रोकता है
संयम और परिश्रम इन्सान के दो सर्वोत्तम चिकित्सक हैं ।
परिश्रम से भूख तेज़ होती है और संयम अतिभोग से रोकता है ।
-रूसो
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