Thursday, October 28, 2010

त्याग सूखी रोटी खाने में नहीं, आरज़ू को जीतने में है





त्याग यह नहीं है कि मोटे और सख्त कपड़े पहन लिए जायें

और सूखी रोटी खायी जाये

त्याग तो यह है

कि अपनी आरजू, इच्छा और ख्वाहिश को जीता जाये


- सूफ़ियान सौरी

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Wednesday, August 11, 2010

प्रत्येक के जीवन में इतना दुःख और विषाद




अगर हम अपने शत्रुओं की गुप्त आत्म-कहानियां पढ़ें

तो हमें प्रत्येक के जीवन में इतना दुःख और विषाद

भरा हुआ मिलेगा कि फिर हमारे मन में

उनके लिए ज़रा भी शत्रुभाव नहीं रहेगा

उलटे करुणा प्रस्फुटित होगी


- अज्ञात महापुरूष



Monday, August 2, 2010

मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ

जब सत्कर्मी को असह्य कष्ट हो,

तो समझना चाहिए कि ईश्वर शीघ्र ही उस पर कृपा करने वाला है


- अज्ञात महापुरूष



ईश्वर ने कहा है -

मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से

मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ


- सादिक



ईश्वर की कृपा के बिना

मनुष्य के प्रयत्न से कुछ नहीं मिल सकता


- बायजीद




















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Friday, July 23, 2010

भूख भले ही मिट जाये, मगर अन्त में उनसे मौत ही मिलती है




हमारी ख़ुशियाँ वास्तव में कितनी कम हैं,

अफ़सोस है कि उनकी खातिर हम अपने चिरन्तन कल्याण को भी

खतरे में डाल देते हैं

-बेली



पापमय और फरेब से प्राप्त की गई ख़ुशियाँ

ज़हरीली रोटियों की तरह हैं, उनसे उस वक्त भूख भले ही मिट जाये,

मगर अन्त में उनसे मौत ही मिलती है


-तायरन एडवर्ड्स



Wednesday, July 21, 2010

क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है




जब तक कोई शख्स 'अल्लाह हो ! अल्लाह हो !

हे भगवान ! हे भगवान !' चिल्लाता है,

निश्चय जानो, उसे ईश्वर नहीं मिला,

क्योंकि जो उसे पा लेता है वह खामोश हो जाता है


-स्वामी रामकृष्ण परमहंस



Tuesday, July 20, 2010

तीर पत्थर की विशाल शिला को नहीं वेध सकता



कोई सांसारिक भय ज्ञानी मनुष्य के दिल को नहीं दहला सकता,

चाहे वह उसके कितने ही निकट पहुँच जाये

जैसे कोई तीर पत्थर की विशाल शिला को नहीं वेध सकता

-योग वशिष्ठ



Monday, July 19, 2010

ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है





जो मनुष्य मशहूर नहीं है, वह सुखी है

बढ़िया कुरता और कम्बल नहीं पहनता तो अच्छा करता है

ऐसा आदमी ही चिड़िया की तरह ऊपर आकाश में उड़ जाता है

और इस संसार के उजाड़ खण्ड का उल्लू नहीं बनता


-शब्सतरी