Monday, August 2, 2010

मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ

जब सत्कर्मी को असह्य कष्ट हो,

तो समझना चाहिए कि ईश्वर शीघ्र ही उस पर कृपा करने वाला है


- अज्ञात महापुरूष



ईश्वर ने कहा है -

मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से

मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ


- सादिक



ईश्वर की कृपा के बिना

मनुष्य के प्रयत्न से कुछ नहीं मिल सकता


- बायजीद




















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1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

मैं अपनी स्वाभाविक करुणा से मनुष्य को उसकी इच्छा से भी विशेष देता हूँ -
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पढ़-लिखकर ज्ञानी बने, किया न कुछ सत्कर्म।
जगत नियन्ता देखता, क्या है धर्म-अधर्म।।
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http://charchamanch.blogspot.com/2010/08/235.html