Showing posts with label कृतज्ञता जयशंकर प्रसाद. Show all posts
Showing posts with label कृतज्ञता जयशंकर प्रसाद. Show all posts

Sunday, December 20, 2009

सबसे पवित्र धर्म




अभागा है


वह


जो संसार के


सबसे पवित्र धर्म


कृतज्ञता को


भूल


जाता है



- जयशंकर प्रसाद