धर्म और अध्यात्म के आलोक स्तम्भ
हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
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मान चाणक्य
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Monday, November 9, 2009
श्रेष्ठ पुरूष केवल मान की ही कामना करते हैं -चाणक्य
निम्न श्रेणी के लोग केवल धन की कामना करते हैं,
मध्य
श्रेणी
के
लोग
धन
और
मान
दोनों
की
कामना
करते
हैं
।
परन्तु
श्रेष्ठ
पुरूष
केवल
मान
की
ही
कामना
करते
हैं
।
मान
ही
श्रेष्ठ
पुरुषों
का
धन
है
।
-
चाणक्य
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