Monday, December 6, 2010

मैं विश्व के महान तत्त्व का एक अंश हूँ




मनुष्य

तब तक अपनी पूर्ण शक्ति को प्राप्त नहीं कर सकता

जब तक

वह इस बात को मन, वचन और शरीर से न समझ ले

कि मैं विश्व के महान तत्त्व का एक अंश हूँ


-स्वेट मार्डेन


1 comment:

अशोक बजाज said...

सुन्दर विचार ,धन्यवाद !