Sunday, June 20, 2010

सात असम्भव बातें.............

कौवे में पवित्रता,

जुआरी में सत्य,

सर्प में सहनशीलता,

स्त्री में कामशान्ति,

नामर्द में धीरज,

शराबी में तत्त्वचिन्ता

और राजा में मैत्री

किसने देखी या सुनी है ?


-पंचतंत्र

6 comments:

Shah Nawaz said...

सत्य वचन. बहुत खूब!

उम्मेद said...

पंचतंत्र .......प्राचीन ज्ञान और संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है..पर कुछ बातें समय के साथ परिवर्तित भी हो जाती है...नारी को लेकर कहे गये पूर्व कथनों को वर्तमान बदली हुई परिस्थितियों मे देखने की आवश्यकता है......क्योंकि केवल अतीत ही वर्तमान को प्रभावित नहीं करता वरन् वर्तमान भी अतीत को प्रभावित करता है....नारी के विषय में व्यक्त विचारों के सन्दर्भ में हम सभी को ही अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है...प्रसंगवश आई ये बात हम सभी के लिए है ...आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है...आपका व्यक्तित्व मुझे प्रेरणा देता है....श्रेष्ठ सृजन अनवरत रखे...शुभकामनाएं।

जी.के. अवधिया said...

अति सुन्दर!

निर्मला कपिला said...

सत्यवचन धन्यवाद्

SACCHAI said...

satya vachan ..sundar post

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

plz read :

interesting post for indian "इसकी आँखों पर से पट्टी उतारनी है ..कोशिश तो करो |... http://eksacchai.blogspot.com/2010/06/blog-post.html

sanu shukla said...

bahut satya bat hai bhaisahab...