Monday, June 21, 2010

तो मैं हूँ ही किसलिए ?




अगर मैं अपने लिए नहीं हूँ,

तो मेरे लिए कौन होगा ?

और अगर मैं सिर्फ़ अपने लिए हूँ,

तो मैं हूँ ही किसलिए ?

- अज्ञात महापुरुष



मैं कौन हूँ ?

ईश्वर का दिया खाने वाला

और शैतान का हुक्म बजाने वाला

- मलिक दिनार



www.albelakhatri.com



3 comments:

Udan Tashtari said...

ये भी सही है!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अगर मैं अपने लिए नहीं हूँ,

तो मेरे लिए कौन होगा ?

और अगर मैं सिर्फ़ अपने लिए हूँ,

तो मैं हूँ ही किसलिए ?
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संग्रह करने योग्य!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

विचारणीय ...स्वयं की खोज में सार्थक उक्ति