हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
Saturday, December 12, 2009
इस प्रकार का झूठ कई गुना बुरा है - रस्किन
दो अर्थों वाले शब्द लेकर,
किसी शब्द विशेष पर ज़ोर देकर
या आँख के इशारे से भी
झूठ बोला जाता है ।
इस प्रकार का झूठ
स्पष्ट शब्दों में बोले गए झूठ से
कई गुना बुरा है ।
-रस्किन
Friday, December 11, 2009
धर्म जैसी चीज नहीं मिल सकती
लड़ाई-झगड़ा,
वाद-विवाद
और
होड़ा-होड़ी
करके
चाहे जो चीज
मिल जाए
पर धर्म
जैसी चीज नहीं मिल सकती ।
धर्म का दण्ड
माँ का मुँह नहीं देखता रहता ।
-शरतचंद्र
Thursday, December 10, 2009
धैर्य के साथ ख़ूबी समझने की राह देखें -काका कालेलकर
जो बात हमें जंच जाय,
उसको हम स्वीकार करें,
जो न जँचे
उसके बारे में किसी से झगड़ा न करें ।
हम धैर्य के साथ
उसकी ख़ूबी
समझने की राह देखें ।
-काका कालेलकर
Wednesday, December 9, 2009
परिस्थिति चुन नहीं सकते, बना तो सकते हैं...
मनुष्य
अपनी परिस्थितियों को
प्रत्यक्षतः
नहीं चुन सकता
लेकिन
वह
अपने विचारों को चुन सकता है
और इस तरह
परोक्ष रूप से
किन्तु लाज़िमी तौर पर,
अपनी
परिस्थितियों का
निर्माण कर सकता है
- जेम्स एलन
Tuesday, December 8, 2009
नारी का कर्त्तव्य है कि वह शीघ्र विवाह कर ले - बर्नार्ड शा
हर नारी का कर्त्तव्य है
कि वह जितनी शीघ्र सम्भव हो सके,
विवाह कर ले
और पुरूष का कर्त्तव्य है कि
जहाँ तक सम्भव हो,
उससे दूर रहे...............
जार्ज बर्नार्ड शा
Monday, December 7, 2009
आधी रात को बिस्तर में ध्यान करता है.........
क्या तुम्हें मालूम है कि
सात्विक प्रकृति का मनुष्य
कैसे ध्यान करता है ?
वह आधी रात को
अपने बिस्तर में ध्यान करता है,
जिससे लोग उसे देख न सकें..
-स्वामी रामकृष्ण परमहंस
Sunday, December 6, 2009
प्रभु के न्याय में दृढ़ श्रद्धा हो गई है - खलील ज़िब्रान
जब से मुझे पता चला है
कि मखमल के गद्दे पर सोने वालों के
सपने
नंगी ज़मीं पर सोने वालों के
सपनों से
अधिक मधुर नहीं होते,
तब से मुझे
प्रभु के न्याय में
दृढ़ श्रद्धा हो गई है
- खलील ज़िब्रान
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