Saturday, December 12, 2009

इस प्रकार का झूठ कई गुना बुरा है - रस्किन




दो अर्थों वाले शब्द लेकर,


किसी शब्द विशेष पर ज़ोर देकर


या आँख के इशारे से भी


झूठ बोला जाता है


इस प्रकार का झूठ


स्पष्ट शब्दों में बोले गए झूठ से


कई गुना बुरा है



-रस्किन



6 comments:

Udan Tashtari said...

सत्य वचन!!

जी.के. अवधिया said...

विचार रूपी मोतियों की माला का एक और मोती!

ललित शर्मा said...

सत्य कहा अलबेला भाई, लेकिन कभी-कभी आँख भी मारनी पड़ ही जाती है। माया लोक है। हा हा हा

Mrs.Bhawna K Pandey said...

poorntah sahmat !!

महफूज़ अली said...

सत्य वचन!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

प्रेरक उवाज!