Friday, December 25, 2009

आभूषण




नम्रता



और


मीठे वचन ही


मनुष्य के


आभूषण होते हैं


शेष सब


नाम मात्र के आभूषण हैं



-सन्त तिरुवल्लुवर



2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

.ही तो हैं सच्चे गहने!

KAVITA RAWAT said...

Bilku sahi
Madhur bachan hai aushadhi, katuk bachan hain teer.........
Badhai