Tuesday, December 8, 2009

नारी का कर्त्तव्य है कि वह शीघ्र विवाह कर ले - बर्नार्ड शा



हर
नारी का कर्त्तव्य है


कि वह जितनी शीघ्र सम्भव हो सके,


विवाह कर ले


और पुरूष का कर्त्तव्य है कि


जहाँ तक सम्भव हो,


उससे दूर रहे...............




जार्ज बर्नार्ड शा



5 comments:

Udan Tashtari said...

आज कल साहित्यिक अध्ययन चल रहा है आपका ऐसा लगता है.... :)

Suman said...

nice

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

वाह...!
विरोधाभास का अनूठा संगम!

राजीव तनेजा said...

ना खाने देते हैँ...ना भगाने देते हैँ...कमाल है

cmpershad said...

:)