Wednesday, December 23, 2009

उन्हें और क्या पाना बाकी रहता है ?




अहंकार

का नाश करके

जिन्होंने आत्मानंद प्राप्त किया है,

उन्हें

और क्या पाना बाकी रहता है ?



अहंभाव

का नाश करना

और

आत्मा में

अवस्थित होना ही परमपद है



- रमण महर्षि




4 comments:

जी.के. अवधिया said...

सुन्दर विचारों की माला का एक और मोती!

विनोद कुमार पांडेय said...

सत्य वचन...

Murari Pareek said...

अहम् भाव जिसने समाप्त किया वो अलौकिक हो गया !!! सुन्दर विचार!!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सुन्दर एवं ग्राह्य!

क्रिसमस की बधाई!