Sunday, December 13, 2009

पाप कर्म पीछा करता रहता है - गौतम बुद्ध




पाप कर्म


स्वच्छ दूध के समान


तत्काल ही


विकार नहीं लाता,


वह तो


राख में ढकी


अग्नि के समान


शनै: शनै:


जलते हुए


मूर्ख आदमी का


पीछा करता रहता है




- गौतम बुद्ध




4 comments:

जी.के. अवधिया said...

अच्छे विचार रूपी मोतियों की माला की एक और मोती!

संगीता पुरी said...

शायद आज पहली बार देखा .. अच्‍छे विचारों से युक्‍त होकर यह ब्‍लॉग बहुत पवित्र हो गया है !!

महाशक्ति said...

विचार करने योग्य संदेश

Rekhaa Prahalad said...

Abhar.