Monday, December 14, 2009

सब ख़ुशियों से सावधान रहना.....



दुनिया



जिसे आनन्द कहती है,


उससे


सावधान रहना


शाश्वत ख़ुशियों के अलावा


सब खुशियों से सावधान रहना



बादल


चाहे पदवियां और जागीरें बरसादें,


दौलत चाहे हमें ढूंढें ,


लेकिन


ज्ञान को तो


हमें ही खोजना पड़ेगा



-यंग


5 comments:

Anonymous said...

Aabhar.

जी.के. अवधिया said...

इस सुन्दर विचार के लिये धन्यवाद!

निर्मला कपिला said...

सुन्दर और सत्य धन्यवाद्

परमजीत बाली said...

baDhiyaa. dhanyavaad.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

हम तो आज तक खोज रहे हैं ज्ञान को!
बे-ईमान हमें ही ठग कर चला गया!