Tuesday, January 12, 2010

बुद्धिमान शोक व्यक्त नहीं करते




बुद्धिमान


कभी


अपनी हानि पर


शोक व्यक्त नहीं करते,


बल्कि


प्रसन्नता पूर्वक


अपनी क्षति को


पूरा करने में जुट जाते हैं




- शेक्सपियर



4 comments:

Anonymous said...

Kash mai bhi aisa thoda bahut kar paati:(

जी.के. अवधिया said...

बहुत ही शिक्षाप्रद विचार!

Anonymous said...

kash aisa dhairya sab me hota.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

यही सोचकर खमोश हैं जी!
लोहिड़ी पर्व और मकर संक्रांति की
हार्दिक शुभकामनाएँ!