Thursday, November 12, 2009

ये भी धोखे में है और वो भी धोखे में है



जो
यह समझता है कि


दुनिया के बिना काम चला लेगा,


वह अपने आप को धोखा देता है,


लेकिन जो ये समझता है कि


दुनिया का काम


उसके बिना नहीं चल सकता


वह और भी बड़े धोखे में है



-रोशे


5 comments:

जी.के. अवधिया said...

बहुत सुन्दर विचार!

आशा है कि इस ब्लोग के माध्यम से अच्छे अच्छे विचार पढ़ने के लिये मिलते रहेंगे।

Kusum Thakur said...

आपके विचार बहुत अच्छे हैं , बहुत बहुत धन्यवाद !!!

SACCHAI said...

" bahut hi acche vichar hai aapke .aapke in vicharo ko salam ."

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

Anonymous said...

ye maya jagat hai, sab dhokha hai!

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बिल्कुल सत्य एवं सुन्दर विचार.......