Saturday, November 21, 2009

हमें उसका बुरा नहीं मानना चाहिए........




यदि लोग हमारे बारे में


कुछ ऊटपटांग बातें करते हैं


तो हमें उसका बुरा नहीं मानना चाहिए..


जिस प्रकार


गिरजाघर की मीनार


अपने इर्द गिर्द चीलों के


चीखने का ख्याल नहीं करती.......



-इलियट



5 comments:

जी.के. अवधिया said...

सही है!

क्षमा बड़न को चाहिये छोटन को उत्पात।
कह रहीम प्रभु का गयौ जो भृगु मारी लात॥

Rekhaa Prahalad said...

ise jeevan me utarana bahut katheen hai.

Intertecconsulting said...

this is always right but that is not suit on you.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अब "इलियट" की बात,
"इडियट" केसे समझे?

Babli said...

आपने सही कहा है पर कई बार ऐसी बातें सुननी पड़ती है जिसका जवाब देना ज़रूरी हो जाता है !