Friday, November 20, 2009

भोजन के बाद तुरन्त जल पीना विषकारक है




जल का गुण -


अपच अवस्था में जल पीना


औषधि है,


भोजन पच जाने पर (3 घंटे बाद)


जल पीना बल दायक है


भोजन करते समय मध्य -मध्य में


पीना अमृत के समान गुण वाला है


किन्तु भोजन के बाद


तुरन्त जल पीना विषकारक है



-चाणक्य



7 comments:

Nirmla Kapila said...

धन्यवाद जी हम इसी लिये बलशाली हैं मध मे दो चार घूँट पी लेते हैं

जी.के. अवधिया said...

सत्य वचन!!!

Rekhaa Prahalad said...

jaankari ko ujagar karne ke liye dhanyawad

IRFAN said...

agar galti se aap aisa kar bhi lete hain to uske baad Albela khatri ki hasya kavitaaen padh lijiye saara vish door ho jaayega...:-)

anuradha srivastav said...

उपयोगी जानकारी..........

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सही जानकारी शुक्रिया

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

अच्छी बात है जी!
मगर बाद मे क्या शुद्ध जल मिलेगा?