Saturday, November 14, 2009

दो को याद रखना चाहिए - दो को भूल जाना चाहिए



चार
हज़ार वचनों में से


मैंने केवल चार गुर चुने हैं


जिनमें से


दो को हमेशा याद रखना चाहिए -


यानी मालिक और मौत


और दो को भूल जाना चाहिए -


यानी भलाई


जो तू किसी के साथ करे


और बुराई


जो कोई तेरे साथ करे


-लुकमान


5 comments:

M VERMA said...

सुविचार

शास्त्री "मयंक" said...

"दो को याद रखना चाहिए -
दो को भूल जाना चाहिए"

गाँठ बाँध ली है जी!

POTPOURRI said...

bahut khub, tab to jeevan me koi pareshani hi nahi rahegi. aap kaha se chun chun ke late hai in motiyo ko!!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

लुकमान से बहम की दवा भी तो पूछ लेते!

Babli said...

बहुत ही सुंदर और उत्तम विचार! अगर ऐसा ही हुआ तो सारे समस्याओं का हल हो जाएगा!