Sunday, November 8, 2009

पतन्जलि ने कहा.............

जब कोई व्यक्ति

अहिंसा की कसौटी पर खरा उतर जाता है,

तो दूसरे व्यक्ति

स्वयं ही उसके पास कर

वैरभाव भूल जाते हैं


-पतन्जलि

5 comments:

बालकृष्ण अय्य्रर said...

और खरा उतरने की क्या सीमा है, शुक्र है पतंजलि जी इस उत्तर आधुनिक समय में नहीं जी रहे...

डॉ. राधेश्याम शुक्ल said...

swagat,patanjali ka smaran karane ke liye.

नारदमुनि said...

ek or! good luck.narayan narayan

Manoj Kumar Soni said...

सच कहा है
बहुत ... बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .
कृपया मेरे भी ब्लागस देखे और टिप्पणी दे
http://manoj-soni.blogspot.com/

SACCHAI said...

" bahut hi badhiya "

" aapka swagat hai "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com