हास्यकवि अलबेला खत्री द्वारा रचित व संकलित भजन,स्तुतियाँ तथा महापुरूषों के अमृत वचन
वाह वाह जी :)
नेक काम भी गुप्त रहकर ही कारगर होते हैं। फिर भी बेनामियों पर इतनी हायतौबा!
उम्दा सोच और सार्थक सलाह /
बिल्कुल सही!
सच्छे ज्ञान के लिए आभार
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वाह वाह जी :)
नेक काम भी गुप्त रहकर ही कारगर होते हैं। फिर भी बेनामियों पर इतनी हायतौबा!
उम्दा सोच और सार्थक सलाह /
बिल्कुल सही!
सच्छे ज्ञान के लिए आभार
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