Monday, May 17, 2010

नेक काम भी गुप्त रह कर ही कारगर होते हैं




शहद
की मक्खियाँ

सिर्फ़ अँधेरे में काम करती हैं ;

विचार

सिर्फ़ खामोशी में काम करते हैं;

नेक काम भी

गुप्त रह कर ही कारगर होते हैं

अपने दायें हाथ को मालूम पड़ने दे

कि तेरा बायाँ हाथ क्या करता है


-
कार्लाइल
















www.albelakhatri.com

5 comments:

राम त्यागी said...

वाह वाह जी :)

कुमार राधारमण said...

नेक काम भी गुप्त रहकर ही कारगर होते हैं। फिर भी बेनामियों पर इतनी हायतौबा!

honesty project democracy said...

उम्दा सोच और सार्थक सलाह /

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बिल्कुल सही!

sangeeta swarup said...

सच्छे ज्ञान के लिए आभार