Tuesday, May 18, 2010

वरना वह उसका मतलब न समझेगा............



जो कुछ कहना है

उसको जहाँ तक हो सके, संक्षेप में कहो;

वरना

पढ़ने वाला

उसको छोड़ता चला जाएगा ;

और जहाँ तक हो सके सादा लफ़्ज़ों में कहो

वरना

वह उसका मतलब समझेगा


- रस्किन

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4 comments:

राजीव तनेजा said...

हम्म!...सोचना पड़ेगा अब तो

Shah Nawaz said...

:) क्या बात है! गहरी बात, साधारण शब्दों में.

M VERMA said...

साधुवचन

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

रस्किन का कथन सत्य है!