Wednesday, July 7, 2010

किसी पक्षी का एक पंख के सहारे उड़ना नितांत असम्भव है





स्त्रियों की अवस्था में सुधार होने तक

विश्व के कल्याण का कोई मार्ग नहीं

किसी पक्षी का एक पंख के सहारे उड़ना नितांत असम्भव है


-स्वामी विवेकानन्द



मनुष्य का अनुमान

कभी भी उसकी त्रुटियों से नहीं लगाना चाहिए ;

त्रुटियाँ तो मानव की सामान्य दुर्बलताएं हैं,

महान सदगुण ही मनुष्य के अपने होते हैं


-स्वामी विवेकानन्द




1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

इपयोगी और संग्रह करने योग्य वचन हैं!