Saturday, July 17, 2010

ईश्वर की ज्योति पापी को नहीं मिला करती

मैंने गुरू की सेवा में निवेदन किया

कि मेरी स्मरण-शक्ति बिगड़ गई, इस पर उन्होंने मुझे

यह उपदेश दिया कि पापों को छोड़ दे;

क्योंकि विद्या ईश्वर की ज्योति है

और ईश्वर की ज्योति पापी को नहीं मिला करती ।

- इमाम शाफ़ई






























1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

"ईश्वर की ज्योति पापी को नहीं मिला करती"
--
मगर उसको भ्रम रहता है कि वो ही सच्चा भक्त है!