Monday, July 12, 2010

गुण मनुष्य के वश में हैं ; प्रतिभा के वश में स्वयं मनुष्य होता है



वे  सत्य के सर्वोत्तम प्रेमी हैं  जो अपने प्रति ईमानदार हैं 

और जिसका वे स्वप्न  देखते हैं, 

उसे कर दिखाने का साहस रखते हैं 

गुण मनुष्य के वश में हैं ;  प्रतिभा के वश में स्वयं मनुष्य होता है


-लॉवेल



3 comments:

Mrs. Asha Joglekar said...

कहां कहां से ये मोती लाते हैं सर जी । बहुत बढिया ।
गुण मनुष्य के वश में होते हैं ।

Udan Tashtari said...

बढ़िया...आभार सदविचारों का.

निर्मला कपिला said...

बहुत सुन्दर विचार हैं धन्यवाद।